1
अभी-अभी मौसम का
मिजाज बदला है,
अभी-अभी उनका भी अंदाज बदला है
जिनके लिए हम खामोश रहे उम्र भर,
कम्बखत उसी ने आज नया सरताज बदला हैं
अभी-अभी उनका भी अंदाज बदला है
जिनके लिए हम खामोश रहे उम्र भर,
कम्बखत उसी ने आज नया सरताज बदला हैं
2
ज़माने ने चलाई थी
नुकीली तीर मेरे दिल पर
ओ तो संयोग अच्छा था कि दिल को चोर ले भागा
ओ तो संयोग अच्छा था कि दिल को चोर ले भागा
3
हजारो मंजिलें भी
हैं हजारो कारवां भी हैं,
निगाहें आज भी तपती हैं महलों में देख कर रोटी।
निगाहें आज भी तपती हैं महलों में देख कर रोटी।
4
देख
तिरंगा हाथ उनके, रूह में अवसाद होगा
आज फिर से रोयेंगी , कब्र की कुछ हड्डियां
आज फिर से रोयेंगी , कब्र की कुछ हड्डियां
5
उस रोज गर तुम हमे
मिल गये होते
जन्नत में आज हमारी भी अर्जी लगी होती
जन्नत में आज हमारी भी अर्जी लगी होती
6
वह सितारा खास था , जिसको
मैनें खो दिया.
क्या करूँ इस चाँद का जिसमें हजारो दाग हैं
क्या करूँ इस चाँद का जिसमें हजारो दाग हैं
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